पंचकूला, 8 सितंबर- उपायुक्त गौरी पराशर जोशी ने जिला में आवारा पशुओं पर शिंकजा कसने की दिशा में जिला सचिवालय के सभागार में आयोजित अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए आवारा पशुओं की  समस्या से निजात दिलवाने के संबंध में विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर संबंधित अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की।
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि वे आवारा पशुओं को पकडक़र जब्त करें। इसके साथ-साथ उन्होंने निर्देश दिए कि आवारा पशुओं के मालिकों से सख्ती से पेश आते हुए इस दिशा में जुर्माना भी वसूलें। उन्होंने इन आवारा पशुओं को पकडऩे के उपरांत उनके रख-रखाव की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने जिलावासियों से आग्रह करते हुए कहा कि वे अपने पशुओं को घरों से बाहर आवारा न छोड़े क्योंकि इन आवारा पशुओं से जहां सडक़ हादसों की स्थिति बनी रहती है वहीं ये पशु गोबर कर गंदगी भी फैलाते है। इसके साथ-साथ आवारा पशु प्लास्टिक के बैगों को खाते है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर कुप्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि पशु मालिक उनका दूध निकालकर अपने पशुओं को आवारा छोड़ देते है और मानवता के नाते भी उनका दायित्व बनता है कि वे अपने पशुओं को घर पर रखे और उनकी उचित देखभाल घर पर ही करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रशासन आवारा पशुओं पर पूरी तरह शिकंजा कसेगा और उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। इसलिए पशु पालकों से जिला प्रशासन की ओर से विशेष अपील है कि वे अपने पशुओं को आवारा न छोड़े।
 इससे पूर्व उपायुक्त ने अधिकारियों की आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए शहर को खुले में शौचमुक्त करने की दिशा में संबंधित अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त राजेश जोगपाल ने आवारा पशुओं को पकडक़र उनकी उचित स्थान पर रख रखाव के लिए भी संबंधित अधिकारियों से विस्तार से बातचीत की। उन्होंने कहा कि आवारा पशुओं को पकडऩे के लिए नगर निगम की टीम इस दिशा में विशेष अभियान चलाए ताकि आवारा पशुओं की समस्या से राहत मिल सके।
इस अवसर पर एसडीएम एवं नगर निगम संयुक्त आयुक्त पंकज सेतिया, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी राजबीर कुंडू, परियोजना अधिकारी देवेंद्र सांगवान सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।