कालका, पिंजौर 8 सितंबर- हरियाणा सरकार द्वारा सामाजिक समरसता अंतर्जातिय विवाह शगुन योजना के तहत  हरियाणा राज्य के स्थाई निवासी अनुसूचित जाति के लडक़ा व लडक़ी से विवाह करने पर प्रोत्साहन स्वरूप दी जाने वाली 50 हजार रुपये की राशि बढ़ाकर एक लाख एक हजार रुपये की गई है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए कालका विधायक लतिका शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली सभी वर्गों की विधवाओं को उनकी लड़कियों की शादी में 51 हजार रुपये की शगुन राशि उपलब्ध करवाई जाती है। इसके साथ-साथ अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति एवं टपरीवास जाति के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को उनकी लडक़ी की शादी के लिए 41 हजार रुपये की शगुन राशि मुहैया करवाई जाती है। हरियाणा सरकार द्वारा सभी वर्ग की विधवाओं, तलाकशुदा, निराश्रित महिलाएं तथा अनाथ, बेसहारा बच्चों, जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम हो, कि शादी के लिए सरकार की ओर से 41 हजार रुपये की शगुन राशि उपलब्ध करवाई जाती है।
विधायक ने बताया कि सामान्य एवं पिछड़े वर्ग से संबंधित गरीबी रेखा से जीवन यापन करने वाले परिवारों को उनकी लडक़ी की शादी के लिए सरकार की ओर से 11 हजार रुपये की राशि उपलब्ध करवाई जाती है। समाज के सभी वर्गों के लोगों, जिनके पास ढाई एकड़ कृषि भूमि या एक लाख रुपये से कम वार्षिक आय है, उनकी लडक़ी की शादी के लिए 11 हजार रुपये दिए जाते है। उन्होंने बताया कि किसी भी जाति एवं आय वर्ग से संबंधित महिला खिलाडिय़ों को उनकी स्वयं की शादी के लिए 31 हजार रुपये की शगुन राशि मुहैया करवाए जाने का प्रावधान है।
श्रीमती लतिका शर्मा ने बताया कि डॉक्टर अंबेडकर मेधावी छात्र योजना के तहत अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग के छात्रों में प्रतिस्पर्धा व उत्कृष्टता की संभावना को प्रोत्साहित करने के  लिए मैट्रिकोत्तर स्तर तक कक्षावार 800 रुपये से 1200 रुपये तक वार्षिक छात्रवृति तथा पिछड़े वर्ग के दसवीं कक्षा के छात्रों को प्रतिशतता के आधार पर प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति के अंतर्गत मैट्रिकोत्तर कक्षाओं में पढऩे वाले छात्रों को प्रतिमास 250 रुपये से 1200 रुपये तक छात्रवृति प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त सभी नॉन रिफंडेबल फीसों की प्रतिपूर्ति की जाती है। बशर्तें की उनकी वार्षिक परिवारिक आय 2.50 लाख रुपये से अधिक न हो।